जब कभी भी आर्थिक मंदी आती है उस समय आपकी इन्वेस्टमेंट आपका एक asset होता है तभी आपकी इन्वेस्टमेंट की अहमियत समझ में आती है |

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JSPL पीएलआई स्कीम के तहत स्पेशियलिटी स्टील के लिए करेगी निवेश, 7,930 करोड़ रुपये खर्च करने की है योजना

जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (JSPL) विशेष इस्पात के लिए PLI स्कीम के तहत 7,930 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (JSPL) विशेष इस्पात के लिए PLI स्कीम के तहत 7,930 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर विमलेंद्र झा ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इस निवेश के तहत देश में आठ प्रकार के उच्च गुणवत्ता वाले एलॉय बनाए जाएंगे। JSPL सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के क्वालिफायर में से एक है, जिसका मकसद घरेलू स्टील सेक्टर में नई तकनीकों का उपयोग करके वैल्यू एडेड स्टील के उत्पादन को बढ़ाना है। 9 दिसंबर को, सरकार ने योजना के तहत 42,500 करोड़ रुपये की निवेश क्षमता वाली 67 एंट्री के चयन की घोषणा की थी।

Retirement Planning: अब बुढ़ापे की नो टेंशन, Mutual Fund के जरिए यूं करें सेकेंड ईनिंग के लिए अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग

Sachin Chaturvedi

Written By: Sachin Chaturvedi @sachinbakul
Published on: July 24, 2022 16:33 IST

Mutual Funds- India TV Hindi

Photo:FILE Mutual Funds

Highlights

  • बाजार में पेंशन प्लान व रिटायरमेंट प्लान के नाम से निवेश के बहुत से विकल्प मौजूद हैं
  • रिटायरमेंट प्लानिंग के दो चरण होते हैं- पहला एक्युमुलेशन और दूसरा डिस्ट्रिब्यूशन
  • एक्युमुलेशन यानि धीरे-धीरे निवेश कर अपने लक्ष्य के लिए एक बड़ी रकम जुटाना

Retirement Planning: सेवानिवृत्त जीवन आनंददायक हो, यह सभी का सपना होता है। लेकिन यह तभी मुमकिन है जब सही तरीके से योजना बनाई जाए। यूं तो बाजार में पेंशन इन्वेस्टमेंट प्लान के प्रकार प्लान व रिटायरमेंट प्लान के नाम से निवेश के बहुत से विकल्प मौजूद हैं, जिनमें से अधिकतर योजनाएं जीवन बीमा कंपनियों द्वारा संचालित हैं। अब प्रश्न यह उठता है कि क्या निवेश के ये विकल्प इन्वेस्टमेंट प्लान के प्रकार रिटायरमेंट प्लानिंग के उद्देश्य को पूरा कर पाएंगे? किसी स्कीम के नाम में मात्र रिटायरमेंट प्लान या इन्वेस्टमेंट प्लान के प्रकार पेंशन प्लान लगा देने से यह साबित नहीं हो जाता कि जो स्कीम आप खरीद रहे हैं वह आपके रिटायरमेंट प्लानिंग के लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होगी।

कैसे करें रिटायरमेंट प्लानिंग

रिटायरमेंट प्लानिंग के दो चरण होते हैं- पहला एक्युमुलेशन और दूसरा डिस्ट्रिब्यूशन। एक्युमुलेशन यानि जब आप धीरे-धीरे निवेश करके अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक बड़ी रकम जुटाते हैं और डिस्ट्रिब्यूशन यानि जब जमा किए गए पैसों में से समय-समय पर पैसे निकाल कर आप अपना जीवन निर्वाह करते हैं। चूंकि म्यूचुअल फंड विभिन्न प्रकार के होते हैं इसलिए ये जरूरत के हिसाब से एक्युमुलेशन व डिस्ट्रिब्यूशन दोनों ही चरणों में सहायक सिद्ध होते हैं।

सुरक्षा व बेहतर रिटर्न दोनों ही एक आदर्श निवेश की जरूरतें हैं। किसी भी निवेशक के पोर्टफोलियो में इक्विटी, डेट, गोल्ड, रियल एस्टेट इत्यादि सभी प्रकार के एसेट्स होने चाहिए ताकि पोर्टफोलियो का संतुलन बना रहे। रिटायरमेंट प्लानिंग क्योंकि लंबी अवधि का निवेश है, इसलिए थोड़ा जोखिम लेकर अधिक लाभ प्राप्त करने की कोशिश की जा सकती है।

डिस्ट्रिब्यूशन

रिटायरमेंट प्लानिंग का दूसरा चरण है डिस्ट्रिब्यूशन। यानि आपने जो पूंजी जमा की है, उसको इस तरह से निवेश किया जाए कि वह आपको निरंतर आय दे सके। इस दौरान आप बहुत अधिक जोखिम नहीं उठा सकते, क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही घातक साबित इन्वेस्टमेंट प्लान के प्रकार हो सकती है। लेकिन चूंकि सेवानिवृत्ति के बाद भी एक लंबी जिंदगी होती है, इसलिए यह जरूरी है कि सुरक्षा और लिक्विडिटी के साथ-साथ आपके निवेश पर भी आकर्षक रिटर्न भी मिले ताकि इस उद्देश्य इन्वेस्टमेंट प्लान के प्रकार के लिए जमा पूंजी जीवन भर चल सके।

इस वक्त आपके पोर्टफोलियो में लिक्विड फंड, डेट फंड व इक्विटी फंड का होना बेहद जरूरी है। लिक्विड फंड इसलिए ताकि किसी भी प्रकार की आकस्मिक स्थिति में रकम उपलब्ध हो। डेट फंड पोर्टफोलियो का संतुलन बनाने में मदगार साबित होंगे और इक्विटी फंड से मिलने वाला आकर्षक रिटर्न महंगाई को मात देने में सफल साबित होगा।

रिटायरमेंट प्लानिंग जितनी जल्दी शुरू की जाए, लक्ष्य को हासिल करना उतना ही आसान होगा। साथ ही म्यूचुअल फंड एक लम्बी अवधि का निवेश है, इसलिए शेयर बाजार की तरह उसे रोज-रोज देखने की जरूरत नहीं है। किन्तु पोर्टफोलियो की निगरानी, समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा व जरूरत पड़ने पर स्कीम में तब्दीली करने से लक्ष्य को हासिल इन्वेस्टमेंट प्लान के प्रकार करने में मदद मिलेगी।

Investment Kya Hota Hai | इन्वेस्टमेंट कितने प्रकार की होती है ?

इन्वेस्टमेंट जिसे हम हिंदी में निवेश कहते है जिसका मतलब होता है अपने पैसो को येसी जगह पर लगाये जिससे फ्यूचर में हम अपने लगाये हुए पैसो से ज्यादा रिटर्न मिल सके और लगाये हुए पैसो पर जितने पैसे हमें मिलते है उसे अपनी इन्वेस्टमेंट का रिटर्न कहते है |

उदाहरण के तौर पर समझे तो अगर हम किसी कंपनी शेयर में 1 लाख रूपए इन्वेस्ट करते है और फ्यूचर में हमारे इन्वेस्ट किये हुए पैसो की वैल्यू बढकर 1 लाख 40 हज़ार रूपए हो जाती है तो हम कन्हेगे की हमे 1 लाख की इन्वेस्टमेंट पर 40 हज़ार का रिटर्न मिला या अगर परसेंटेज में कहे तो हमे 40% का रिटर्न मिला दोस्तों इन्वेस्टमेंट करने पर हमे मैनली चार तरीको से ही होता है |

1 > हमारी इन्वेस्टमेंट की वैल्यू या तो बड जाती है जिसे हम capital appreciation कहते है |

2 > हमारी इन्वेस्टमेंट पर इंटरेस्ट मिलता है जैसे की बैंक में FD पर मिलता है |


आखिर क्यों दुनिया के सबसे आमिर लोग इन्वेस्टमेंट करते है :

दोस्तों दुनिया की जानी मानी बुक rich dad poor dad जिनके लेखक रोबर्ट कियोसाकी ने कहा है जो सबसे इम्पोर्टेन्ट बात ये है की अमीर लोगो को गरीब लोगो से अलग बनाती है वो ये है की आमिर लोग पैसो के लिए काम नही करते है बल्कि पैसो को अपने लिए काम करवाते है और वह पैसे का सही जगह इन्वेस्टमेंट करके सही उपयोग है.

1. real state investment

2. share market investment

3. gold (commodities) investment

4. mutual fund investment

5. equity investment

1. real state investment :-

real state investment का मतलब जमीन (land) , घर , बंगला अपार्टमेंट , दुकान , commerce और non- commerce प्रोपर्टी को खरीद एवं बिक्री से है

अगर आप रियल स्टेट में निवेश करने का फायदा इसमें risk काफी कम होता है |

Types of Investment In Hindi | इन्वेस्टमेंट क्या है? निवेश के प्रकार, निवेश कहा करे

हम म्यूच्यूअल फंड, शेयर बाजार में इन्वेस्ट तो करते है लेकिन इनके अलावा भी निवेश करने के बहुत से तरीके है जैसे की, bond, gold, घर, दुकान, जमीन जैसे चीजों में भी हम इन्वेस्ट या निवेश कर सकते है और अच्छा लाभ पा सकते है। तो दोस्तों हमने निचे इनसे जुडी बहुत महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है जिससे आपको investment प्रति काफी इनफार्मेशन मिल सकती इन्वेस्टमेंट प्लान के प्रकार है।

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What Is Investment in Hindi – इन्वेस्टमेंट क्या है?

Investment, निवेश या विनियोग का मतलब है, कि एक परिसंपत्ति खरीदी जाती है या उस पैसे को बैंक में भविष्य में ब्याज प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। निवेश/विनियोग एक कंपनी के शेयरों को खरीदने में शेयरधारक द्वारा खर्च की गई कुल राशि भी हो सकती है, याने प्रबंधन विज्ञान में इन्वेस्टमेंट का मतलब लंबी अवधि की बचत है।

इन्वेस्टमेंट में हम अपने पैसे को ऐसी जगह पर लगाते है, जिससे हमें भविष्य में जितने पैसे निवेश किये हैं उससे ज्यादा पैसा मिल सके। इसलिए हमने आपके लिए इन्वेस्टमेंट के बारे कुछ जानकारी, ideas और tips दी है।

Types Of Investment In Hindi – निवेश के प्रकार

1. Real Estate

इन्वेस्टमेंट के लिए Real Estate यह भी एक बहुत अच्छा पर्याय है, जहा निवेश करके आप अच्छा return पा सकते है। रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट में रिस्क बहुत कम होता है और आप इसमे निवेश करके बहुत अच्छा फायदा भी उठा सकते है।

आज घर, जमीन, बंगला, प्लाट या कोई प्रोपर्टी जैसे चीजों की कीमत बढ़ रही है, अगर हम इन चीजों में इन्वेस्ट करना चाहते है तो हमे अच्छे return की उम्मीद भी ज्यादा होती है।

2. Share Market

आप शेयर बाजार या स्टॉक मार्केट में निवेश तो कर सकते है, लेकिन आपको इसमे बहुत रिस्क भी उठानी पडती है क्योंकि इसमे फायदा और नुकसान कुछ भी हो सकता है।

अगर आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते है तो आपको उस कंपनी का भागीदार माना जाता है। अगर कोई कंपनी फायदे में होती है तो उस कंपनी के शेयर के दर भी बढ़ते है और वही कंपनी घाटे में आती है तो उस कंपनी के शेयर दर भी कम होते है।

FAQs For Investment In Hindi

लोग इन्वेस्टमेंट याने निवेश इसलिए करते है, क्योकि यह इन्वेस्टमेंट पैसे को काम पर लगाने और संभावित रूप से धन की अधिक वृद्धि करने का एक प्रभावी तरीका है।

बचत निश्चित रूप से सुरक्षित है, परन्तु बचत की तुलना में कुछ ऐसे निवेश उत्पाद है जिसमे बहुत अधिक रिटर्न मिल सकता है, जैसे की Gold, Property, Bonds, Mutual Funds, Shares, इत्यादी।

टैक्स सेविंग के लिए इन्वेस्टमेंट यह अच्छा विकल्प है, जिसमे PPF, Fixed Deposits, ULIPs, ELSS, Life insurance plans, Bonds इत्यादी, यह टैक्स सेविंग के लिए सबसे अच्छे विकल्प हो सकते है।

हाँ, शेयर या स्टॉक में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है, परन्तु यह जोखिम के साथ उच्च रिटर्न निवेश विकल्प भी हैं। याने इसमे निवेश करते समय आप जो जोखिम उठाते हैं, उसके लिए आपको अधिक रिटर्न मिलता है।

तो आशा करते है की आपको, Investment in hindi, Types of investment in hindi, इन्वेस्टमेंट क्या है, इन्वेस्टमेंट के प्रकार, निवेश कहा करे, Investment tips, इत्यादी जानकारी अच्छी इन्वेस्टमेंट प्लान के प्रकार लगी होंगी। यदि आपको यह पोस्ट सही लगी तो हमें कॉमेंट्स करके बताये और अपने दोस्तों में जरुर शेअर करे।

अल्पकालिक निवेश में भी होता है जोखिम, सावधानी से चुनें अपना विकल्प

अगर आप कम समय में निश्चित राशि प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप शॉट टर्म इन्वेस्टमेंट प्लान का विकल्प चुन सकते हैं. हालांकि, इसका चयन करते समय सावधानी भी बरतने की जरूरत होती है. आर्बिट्रेज फंड, अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड, मनी मार्केट फंड जैसे विकल्प मौजूद हैं. आप तीन महीने के निवेश का भी विकल्प चुन सकते हैं. कुछ निवेश ऐसे होते हैं, जो पांच साल तक के लिए भी होते हैं.

हैदराबाद : बढ़ती ब्याज दरों को ध्यान में रखते हुए, निवेशकों को अपने विकल्प चुनने में अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है. खासकर, जब वे एक से पांच साल के अल्पकालिक निवेश के लिए जा रहे हों, तो उन्हें सावधानीपूर्वक सही प्रकार की योजनाओं का चयन करना चाहिए. तभी उनकी गाढ़ी कमाई बच सकेगी और वे निश्चित रिटर्न भी प्राप्त कर सकेंगे. निवेश योजनाओं का चयन करने से पहले, प्रत्येक संभावित निवेशक को अपनी समग्र जरूरतों पर विचार करके वित्तीय लक्ष्य तय करने चाहिए. लंबी अवधि की योजनाओं से अच्छा रिटर्न मिलता है. जबकि, अल्पकालिक निवेश हमें जब भी आवश्यकता महसूस होती है, धन निकालने की सुविधा इन्वेस्टमेंट प्लान के प्रकार प्रदान करते हैं. ऐसे में केवल उन्हीं अल्पकालिक निवेशों का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण है जो सुरक्षित हैं.

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